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Shayari


शेरो शायरी
By Rajiya Amrita B By Rajiya Amrita B
Hashtag Kalakar
Dec 4, 20251 min read


शेरों शायरी
By Rajiya Amrita B By Rajiya Amrita B
Hashtag Kalakar
Dec 4, 20251 min read


शेरों शायरी
By Rajiya Amrita B By Rajiya Amrita B
Hashtag Kalakar
Dec 4, 20251 min read


शेरों शायरी
By Rajiya Amrita B By Rajiya Amrita B
Hashtag Kalakar
Dec 3, 20251 min read
ईद का चांद
By Dr. Pradnya Vilas Darade कभीकभी हमारे दिल में ये खयाल आता है, ये जो चांद है, वो हिंदू मुस्लिम सभी को भांता है, करवाचौथ के दिन सुहागनों का साथ निभाता है, और ईद ए मिलाद की रात ईद का चांद कहलाता है……. By Dr. Pradnya Vilas Darade
Hashtag Kalakar
Dec 2, 20251 min read
सफलता का मकाम
By Dr.Pradnya Vilas Darade हमें भी छुना है, आसमान की बुलंदियोंको, की थक गये हमारे हाथ बरतन मांजते मांजते, और इस कदर हासील करेंगे सफलता का मकाम दुनिया में, की लोगोकें हाथ नहीं थकेंगे हमें सलाम करते करते......! By Dr.Pradnya Vilas Darade
Hashtag Kalakar
Dec 2, 20251 min read
भूल गया है इंसान......!
By Dr. Pradnya Vilas Darade कल आज और कल में, इस तरह से उलझ गया इंसान, बडी बडी कामयाबी हासील करने की चाह में, छोटी छोटी खुशियाँ मनाना ही भूल गया है इंसान......! By Dr. Pradnya Vilas Darade
Hashtag Kalakar
Dec 2, 20251 min read
ख़याल ९
By Sushmita Sammi इस बार जो दिल टूटा-२ चकनाचूर हो गए; तेरी सलाख़ों से निकले तो जाने कितनो के हूर हो गए; मुहब्बत के वादे किया करते थे कभी, आज तेरी बेवफ़ाई के किस्से भी मशहूर हो गए !!!! By Sushmita Sammi
Hashtag Kalakar
Dec 2, 20251 min read
ख़याल ८
By Sushmita Sammi हुई मुद्दत की तेरा दीदार हुआ था हुई मुद्द्त की तेरा दीदार हुआ था पर मसला आज भी वही है; तेरे दीदार को आँखें नहीं लगतीं !!! By Sushmita Sammi
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Dec 2, 20251 min read
ख़याल ७
By Sushmita Sammi मुहब्बत का दामन हमने आख़िरी दम तक नहीं छोड़ा, अपनी मुहब्बत का दामन हमने आख़िरी दम तक नहीं छोड़ा; ये और बात है की तुम अपना रुख़ बहुत पहले ही बदल चुके थे | By Sushmita Sammi
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Dec 2, 20251 min read
ख़याल ६
By Sushmita Sammi तुमने जो सज़ा मुक़र्रर की हमारे गुनाहों की -२ वो ख़ता हमने की ही नहीं; हम तेरे मैले मन के साफ़ होने का इंतज़ार करेंगे; तुमसे राब्ता ना रखें- जानते हो कितना मुश्किल है-२ हम तेरे वापस लौट कर आ जाने का इंतज़ार करेंगे | By Sushmita Sammi
Hashtag Kalakar
Dec 2, 20251 min read
ख़याल ५
By Sushmita Sammi कल रात की थोड़ी बाकी है, पैमाने में भी और इस दिल में भी -२ तुझसे मिलकर ख़ुदा कसम, खुश भी है दिल हमारा, और है बड़ी मुश्किल में भी | By Sushmita Sammi
Hashtag Kalakar
Dec 2, 20251 min read
ख़याल ४
By Sushmita Sammi तुम्हारा नाम लिखा करते थे कागज़ों पर हज़ार दफ़ा, हज़ार दफ़ा पुकार लिया करते थे | तुमको सोचकर भी कभी-कभी हम ख़ुद को संवार लिया करते थे | सोचते बैठते थे -२ तो तेरी तस्वीर ही सौ-सौ बार निहार लिया करते थे | इतनी बेपरवाह सी थी अपनी मुहब्बत -२ की तेरी बातों की ओट में, अपना सारा-सारा दिन गुज़ार लिया करते थे | By Sushmita Sammi
Hashtag Kalakar
Dec 2, 20251 min read
ख़याल ३
By Sushmita Sammi हम रिश्तों की भीड़ में सबसे ग़रीब रह गए हम रिश्तों की भीड़ में सबसे ग़रीब रह गए हम दूर दूर से रिश्ते निभाते रह गए और ख़ुद ही के क़रीब रह गए..... By Sushmita Sammi
Hashtag Kalakar
Dec 2, 20251 min read
ख़याल २
By Sushmita Sammi जाओ अगर जाना है तो चले जाओ जाओ अगर जाना है तो चले जाओ पर याद रखना तुम्हारी ज़िंदगी में खिचड़ी में नमक और खीर में शक्कर जैसे कम रहेंगे By Sushmita Sammi
Hashtag Kalakar
Dec 2, 20251 min read
ख़याल १
By Sushmita Sammi जहाँ से गुज़रा दिल -२ मुहब्बत कर बैठा जहाँ से गुज़रा दिल मुहब्बत कर बैठा -२ की हाय इस शायराना दिल को इश्क हासिल है; लोग कहते हैं ना करो अज़ीयत है -२ पर करें क्या ना करें ये भी तो मुशकिल है !! By Sushmita Sammi
Hashtag Kalakar
Dec 2, 20251 min read
Mushaira 10
By Manas Saxena लहू था जिगर का ये आंसू नहीं थे, बहाए न जाते तो हरगिज़ न बहते | नशेमन ना जलता निशानी तो रहती, हमारा क्या था ठीक रहते ना रहते | ज़माना बड़े शौक से सुन रहा था, खुद ही सोगये दास्तां कहते कहते | कोई नक्श कोई दीवार ना समझा, ज़माना हुआ हमें चुप रहते रहते | डूबना था मेरी किस्मत मैं बहरहाल तुम मुझे एक बार पुकार तो लेते | By Manas Saxena
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Dec 1, 20251 min read
Mushaira 9
By Manas Saxena तुम तो चले गये मुझे नफ़रत तुमसे नहीं नफ़रत तो अब हर उस जगह से, हर उस गाने से बारिश के उस मौसम से हैं जिसमें भीगते हुए थकते नहीं थे | तुम तो चले गए तुमसे तो कोई कुछ नहीं पूछता मुझसे पूछते सब हैं कुछ दिलासा तो कुछ मजा लेते हैं | तुम तो चले गए अब तो यार भी कहते हैं किसी और से दिल लगा ले लेकिन अब कौन फिर मेहनत करे दिल लगाने की क्योंकि जानते हम भी हैं वो दिल लगाना नहीं दिल बहलाना है | तुम तो चले गए लेकिन मिलते रोज़ हो सामने से कुछ कहते नहीं लेकिन पीछे से
Hashtag Kalakar
Dec 1, 20251 min read
Mushaira 8
By Manas Saxena दिल से दिल का सिलसिला कुछ खास था, एक दोस्त था जो मोहब्बत के कुछ पास था। वो हंसी, वो बातें, वो लम्हे अजीब, लेकिन दोनों के दिल एक एहसास से करीब पर इजहार का जज्बा कभी जागा ही नहीं, मोहब्बत थी शायद हमने ही जाना नहीं | दिल में छुपी थी बातें, आँखों में राज़ भी वो था अपना, एक हमराज़ भी | फिर एक दिन देखा, उसके साथ कोई और था, सीने में एक तीर सा चुभ गया, क्या यही उसके लिए मेरा प्यार था? तब समझा की दोस्ती के पर्दे में छुपा एक एहसास था जो था हमारा अब किसी और के पास था
Hashtag Kalakar
Dec 1, 20251 min read
Mushaira 7
By Manas Saxena अँधेरों के साए में छुपी है एक कहानी है किताबों के बोझ तले रोती ये जवानी है अब तो चाँद भी रोता है अब्र-ए-बहार के किनारे, दिल के ज़ख्म छुपते हैं राज़ के पर्दों के सहारे। जिंदगी के रंग हैं बस सियाह और सफेद, खुशी के सपने बन गए फर्जी से एक खेल। मिट्टी में घुलती है अब तो हर एक पहचान, अब क्या रखें याद हुजूर, जब सब कुछ लगता है बेजान। तन्हाई के साये हर मोड़ पर मिलते हैं, अपनों के चेहरे भी तो अब बेगाने से लगते हैं। साँसें तो ले रहे हैं बस एक आदत की तरह, जीने क
Hashtag Kalakar
Dec 1, 20251 min read
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