ख़याल ६
- Hashtag Kalakar
- Dec 2, 2025
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By Sushmita Sammi
तुमने जो सज़ा मुक़र्रर की
हमारे गुनाहों की -२
वो ख़ता हमने की ही नहीं;
हम तेरे मैले मन के साफ़ होने का इंतज़ार करेंगे;
तुमसे राब्ता ना रखें-
जानते हो कितना मुश्किल है-२
हम तेरे वापस लौट कर आ जाने का इंतज़ार करेंगे |
By Sushmita Sammi




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