top of page

ख़याल ३

Dec 2, 2025
1 min read

By Sushmita Sammi


हम रिश्तों की भीड़ में सबसे ग़रीब रह गए

हम रिश्तों की भीड़ में सबसे ग़रीब रह गए 

हम दूर दूर से रिश्ते निभाते रह गए 

और ख़ुद ही के क़रीब रह गए.....


By Sushmita Sammi


Comments

Rated 0 out of 5 stars.
No ratings yet

Add a rating
bottom of page