ख़याल ७Hashtag KalakarDec 2, 20251 min readRated NaN out of 5 stars.By Sushmita Sammiमुहब्बत का दामन हमने आख़िरी दम तक नहीं छोड़ा,अपनी मुहब्बत का दामन हमने आख़िरी दम तक नहीं छोड़ा;ये और बात है की तुम अपना रुख़ बहुत पहले ही बदल चुके थे |By Sushmita Sammi
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