ख़याल ४
- Hashtag Kalakar
- Dec 2, 2025
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By Sushmita Sammi
तुम्हारा नाम लिखा करते थे कागज़ों पर हज़ार दफ़ा,
हज़ार दफ़ा पुकार लिया करते थे |
तुमको सोचकर भी कभी-कभी
हम ख़ुद को संवार लिया करते थे |
सोचते बैठते थे -२
तो तेरी तस्वीर ही सौ-सौ बार निहार लिया करते थे |
इतनी बेपरवाह सी थी अपनी मुहब्बत -२
की तेरी बातों की ओट में,
अपना सारा-सारा दिन गुज़ार लिया करते थे |
By Sushmita Sammi




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