वो कायर नहीं
By Arshi Srivastava
सुना है, खुदकुशी करने वाले कायर होते हैं,
जो खुदा की देन को खुद ही खोते हैं,
पर सोचा है कभी उसने ये कदम क्यों उठाया?
वो कायर नहीं जिसने मौत को गले लगाया...
कोई तो वजह होगी इस फ़ैसले के पीछे,
वर्ना ज़िंदगी की डोर भला मौत कैसे खींचे,
ग़मों को मिटाते मिटाते आज खुद को मिटाया,
वो कायर नहीं जिसने मौत को गले लगाया...
ग़जब का हिम्मत मांगता है मौत का नाम लेना,
आसान है क्या खुद ही की साँसे थाम लेना?
सुनहरी यादों ने उसे कितना होगा सताया,
वो कायर नहीं जिसने मौत को गले लगाया...
एक बार मरने वाले का नज़रिया भी तो देखो,
आख़िरी मंज़िल तक जाने का ज़रिया भी तो देखो,
जिसे ज़िंदगी से चाहा था उसे मौत से पाया,
वो कायर नहीं जिसने मौत को गले लगाया...
By Arshi Srivastava

Itna pagalpan bhi sahi nahi...