मेरे कृष्ण कन्हैया
By Dr. Susheela Chaurasia
जो लेटे हैं शेशनाग की सैंया पे,
वो लाल हैं, यशोदा और देवकी मैया के,
जो जीवन साथी हैं लक्ष्मी, रुक्मणी और राधा मैया के,
ये गुण गान नहीं, सत्य हैं मेरे कृष्ण कन्हैया के।
जो संगी हैं महाकाल और पार्वती मैया के,
जो काल हैं, हर राक्षस और बुरी विपदइया के,
जिनकी बासुरी मन लुभाए, हर गोपी और गइया के,
जो प्रेम करे दूध, मक्खन और दहिया से,
ये गुण गान नहीं सत्य हैं मेरे लाल कृष्ण कन्हैया के।
जो मार्ग दर्शन करे हर दुख और कठिनैया मैं,
जो भटके हुए को राह दिखाये पल पल संसार की नैया में,
जिसने अर्जुन को जिताया महाभारत की लड़ाईया में,
ये गुण गान नहीं सत्य हैं मेरे संसार के खेवैया के।
By Dr. Susheela Chaurasia

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