ग़ज़ल
By Aseem Ahmed Abbasee
दिल को उसके नाम हमने कर दिया,
सबके जैसा काम हमने कर दिया,
शेर कहने से वबेला मच गया,
अब किसे बदनाम हमने कर दिया?
क़ामियाबी फिर हमें हासिल हुई,
फिर हमें नाकाम हमने कर दिया,
जान ए मन हिम्मत ही करनी है तुम्हेँ,
बाक़ी इंतेज़ाम हमने कर दिया,
जान देते हैं ख़ुशी से, लिख दिया,
आपको आराम हमने कर दिया,
देर तक हम बज़्म में चुपचाप थे,
और फिर कोहराम हमने कर दिया.
By Aseem Ahmed Abbasee

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