top of page

शेरो शायरी

By Dr. Pradnya Vilas Darade


शेरो शायरी तो बस गयी,

मेरे रुह में इश्क की तरह जनाब,


ये करनी नहीं पडती, मुझसे हो जाती है अपनेआप.....!


प्यार में इन्सान का मिजाज हो जाता है आशिकाना, और


आजकल हमारी रगोमें भी लहू बहता है शायराना.....!


By Dr. Pradnya Vilas Darade

Recent Posts

See All
सनम

By Dr. Pradnya Vilas Darade कितने ही सितम ढाए तुमने, हमपें आजतक, हमनें भी हसकर झेला, तेरा हर एक वार, इतना सब करने के बावजूद भी सनम, तुम हमें ही ठहरातें हो कसूरवार? By Dr. Pradnya Vilas Darade

 
 
 
Shayari

By Dr. Pradnya Vilas Darade मेरी शेरो शायरी के जो लफ्ज है, वो मेरी जिंदगी का साया है, जहाँ गैरोने गहरे जख्म दिए और  अपनोनें भी आझमाया है....! कैसे करें शिकवा और किससे करें शिकायत, जब अपनोनें ही दिए दि

 
 
 

2 Comments

Rated 0 out of 5 stars.
No ratings yet

Add a rating
Rajesh Rote
Rajesh Rote
Dec 18, 2025
Rated 5 out of 5 stars.

Very Nice

Like

Rajesh Rote
Rajesh Rote
Dec 18, 2025
Rated 5 out of 5 stars.

Very Nice

Like
bottom of page