इंतज़ार के सफ़र में
By Bhavya Barai
सबको अपना इश्क़ मिले, ये ज़रूरी तो नहीं,
हमारी ज़िंदगी यूँ ही बीत जाए… हमें खबर भी हो, ये ज़रूरी तो नहीं।
लोग तो साथ पाकर आगे बढ़ गए,
हम बस वहीं ठहरे रहे
इंतज़ार में।
उनके पास था कोई हाथ थामने को,
और मेरे पास बस एक उम्मीद थी… थामे रहने की।
By Bhavya Barai

Didnt have to go this hard🩶
Beautifully written
❤️🔥
Lajawab tareeke se jazzbaato ko shabdo mei bayaann kiya hai
💞🌸