हूँ मैं खूबसूरत…
By Jaya Shree Devkar
सुनो मेरे दिल की धड़कन, हूँ मैं खूबसूरत हर रूप में।
अपनी अनूठी अलछि के साथ, मैं हर अदा में बसी हूँ।
अपने आँखों में उत्साह, और मुस्कान में खिलावट।
हूँ मैं खूबसूरत, न केवल बाहर, बल्कि अपनी भावनाओं में भी।
मेरी नजरें हैं वह आध्यात्मिक सफलता की भावना,
जो अंदर ही अंदर मुझे खूबसूरत बनाती है।
मेरे सपनों की आवाज़, मेरे असली सौंदर्य की पहचान।
हूँ मैं खूबसूरत, क्योंकि मैं अपने आत्मविश्वास में समर्थ हूँ।
मेरे दिल के अनमोल खजाने, जो हर कोने में बसे हैं।
मेरी अनूठी पहचान, जो अद्वितीयता में छिपी है।
मेरी हंसी की ताकत, मेरी खुशियों का स्रोत।
हूँ मैं खूबसूरत, क्योंकि मैं अपने अंतर्मन को पहचानती हूँ।
मैं हूँ वह अनूठी कल्पना, जिसकी कोई मिलती नहीं।
मेरे अनुभवों की गहराई, मेरे अंदर की शक्ति।
मेरे अनूठे सपनों की प्रेरणा, मेरी अद्भुत व्यक्तित्व की पहचान।
हूँ मैं खूबसूरत, क्योंकि मैं अपने असली रूप को स्वीकारती हूँ।
By Jaya Shree Devkar

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