हिन्दुस्तान
By Ami Mehta
सोने की चिड़िया कहते थे जिसको
अंग्रेज़ों ने उसको लुट लिया
स्वतंत्रता सेनानियो ने अपने बलिदान से हमारी ताकत का पुरे विश्व को संदेश दिया।
गीता, बाईबल, कुरान और गुरुग्रंथ साहेब को एक जैसा सम्मान मिला
धर्मनिरपेक्ष का स्वीकार करके
मानवता को सबसे आगे किया।
वंदे मातरम और जन गन मन गाते गाते हमने गर्व से अपना तिरंगा लहराया
तु उस घरती पर खडा है जिसने
वसुधैव कुटुम्बकम के सिद्धांत को हे जिया।
बाईस भाशाऐ और तिनसो पत्रिका के साथ हमने सबको अहिंसा का मार्ग दिखाया
मे उस देश कि बात कर रहा हु जिसने
दुनिया को कर्मयोग सिखाया।
हाथ जोड़कर, नमस्कार करके हम अपना परिचय देते है
तिनो लोको के स्वामी की कर्मभूमि
जिस्को हिन्दुस्तान कहते है।
By Ami Mehta

Wow nice poem
You bring back the memories of how our soil smells !!
👏👏
🙏👍👍👍
👌🏻🇮🇳