हिन्द के वासियों
By Sunil Shukla
याद रखना मेरे हिन्द के वासियों,
ये रवानी हमें यूँ मिली है नहीं..!
हैं कई सर कटे जाने कितने दफ़न,
ये निशानी हमें यूँ मिली है नहीं..!!
हो गए कत्ल कितने मेरे नौजवां ,
इस आज़ादी की ख़ातिर सुनो दोस्तों..!
खो दिया था कभी जिसने अपना सभी,
उनकी क़ुर्बानियों को गुनो दोस्तों..!
कितने क़ातिल हुए कितने ग़ाफ़िल हुए,
ये ग़ुमानी हमें यूँ मिली है नहीं..!!
जाने सिंदूर कितनो का पोंछा गया,
कितनी माँओं ने खोए हैं अपने ललन..!
शान ख़ातिर तिरंगे की इस देश में,
जाने कितनों के उजड़े हैं खिलते चमन..!!
जिस कहानी पे हम आज इतरा रहे,
ये कहानी हमें यूँ मिली है नहीं.....!!
शान जाने न पाए तिरंगे की अब,
आओ मिल कर सभी आज वादा करें..!
जान दे देंगे अपने वतन के लिए,
मन में ऐसा ही पक्का इरादा करें..!
वास्ते हो वतन के ये जीवन मेरा ,
ज़िन्दगानी हमें यूँ मिली है नहीं...!!
जय हिन्द ! जय भारत ! ..वन्दे मातरम् !!! 🇮🇳🇮🇳🙏🙏
By Sunil Shukla

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