हिज्र-ए-इश्क.....
Updated: Jul 28, 2025
By Prakul Garg
मेरी हर बात में अब उसका ही ज़िक्र है,
क्या उसको भी कुछ ऐसा होता होगा,
ये मेरे दिल को फिक्र है।
दिल पूछता है दिमाग से,
“उसे पाने के लिए तू कैसे इतना बे-फिक्र है?”
दिमाग जवाब देता है,
“क्या करूंगा उनके बारे में सोचकर,
जनाब आप भूल गए,
इश्क का अंत सिर्फ और सिर्फ हिज्र है।।“
By Prakul Garg

Comments