हिंदी दिवस
By Mrinalini Gajbe
मन भाए, चित्त प्रसन्न हो जाये सुनकर हिंदी में कथनी सूंदर-सुगठित,सरल -सजीली देवनागिरी में हिंदी लेखनी जन-मन की सहज वर्तनी सुखद संवेदना की अनुभूति भावात्मक अभिरुचि की वाहिनी पावन पवन सी शीतल निर्वाहिनी
रचनात्मक साहित्य की जननी भारतीय संस्कृति की पहचान हिंदी मधुर संगीत की रसधार वाणी ब्रह्मा कमंडल से मिली वरदान हिंदी प्राचीन भारत के घटनाक्रम की धरणी स्वराज्य की गौरवगाथा हिंदी स्वतंत्र भारत की महिमा हिंदी मानवता और एकता की सूत्रधार हिंदी विकास पथ पर अग्रणी हिंदी है हमारी स्वाभिमानी हिंदी दिवस पर अभिनन्दन कर रही सरस मृणालिनी
By Mrinalini Gajbe

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