हर रोज ऐसी मौत की तमन्ना करता रहता हूं...
Updated: Jul 15, 2025
By Saili Parab
मुझे तैरना नही आता था,
डर था मुझे की कही मौत मेरी डुबके ना हो जाए....
खुदाने मेरे लिए इंतजाम किया था,
उनकी गहरी आखों में डुबके मरना तकदीर मे लिखवाया था...
तबसे बचके रहता उनकी निगाहों से मैं
मगर हर रोज ऐसी मौत की तमन्ना करता रहता हूं...
By Saili Parab

Comments