हम तेरे दुख सुख का साथी बनना चाहा रहे
Updated: Jul 15, 2025
By Ishan Sharma
कंभक्त ये मुस्कुराहट तेरी मार डाले
आवाज़ दे रही जिंदगी
पर सुन तेरी ही आवाज पा रहे
तुझ को पा ना सके तो थोड़ा रहेगा मलाल
पर हम बनना तेरे दुख सुख का साथी चाहा रहे
तू भी जाने मेरे दिल का हाल
उम्र में बड़ी तू उठाए तेरे पे जो भी सवाल जायेगे
में तेरे साथ होउगा हर पल जब तेरे पे कोई बात आएगी
By Ishan Sharma

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