स्वतंत्र भारत
- Hashtag Kalakar
- 1 hour ago
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By Sangeeta Singh
भारत माता के मुख-मंडल पर
नई आभा-कांति चमक गई।
काले बादलों की कालिमा
हवा के झोंकों से उड़ गई।
रवि चमक बिखर गया,
चिड़ियॉ भी चहक उठी।
सबके अधरों पर मधुर मुस्कान ,
मानो यह कह रही
अब नहीं है पग में कंटक जाल ,
बढ़कर जाना है मंजिल पार ।
भेदभाव के नी'व पर नहीं ,
इसकी आधारशिला बनाएंगे।
भातृत्व की भावना से,
इस देश को सजाएंगे।
जय भारत,
जय हिंद।
By Sangeeta Singh

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