सुना है समय बलवान है सबसे
By Mitul Chauhan
सुना है समय बलवान है सबसे,
मिटा देता सारे घाव जड़ से,
ना रुका किसी देव ना नर से,
ना प्राप्ति होती किसी वर से ।
मिटाने सभी दुख-दर्द और घाव,
सुख के किनारे पहुँचाने दुख की नाव,
सभी से छुपाने वो पुराने भाव,
मैंने समय पर लगाया दांव ।
चला समय संग इसी दब से,
मिटेंगे सभी दुख अब से,
छँटेंगे काले बादल नभ से,
ना रहेगी कोई शिकायत उस रब से ।
समय की सीढ़ी पर हर कदम किया चुनाव,
कदम दर कदम कम होने लगा तनाव,
समय था बलवान तो था मेरा लगाव,
पहुंचकर आखिरी पड़ाव,
समय संग खड़े रहे मेरे घाव ।
ना मिला हल हद से,
हुआ दूर उस रब से,
शून्य रहा समय का प्रभाव,
और गहरा हुआ वो घाव ।
क्या समय सचमुच है बलवान,
या झूठा है ये बयान,
रखने सभी का मान,
मैंने फिर से दिया ये बलिदान ।
कदम दर कदम हर पड़ाव,
कदम दर कदम सही चुनाव,
आसमान के किनारे पहुंचा,
ना मिला रब, ना रहा समय और ना तनाव ।
By Mitul Chauhan

Itna deep, keep it up mitul bhaiya
Nice one mitul
Very deep
heart touching