सुख-दुख की बात
Updated: Jul 14, 2025
By Prakul Garg
उनके ख्यालों में हमारा दिल गया,
हमने तो वो मांगा भी नहीं था जो हमें मिल गया।
उनकी मुस्कुराहट है इस कदर,
की हमारा हताश दिल भी खिल गया।
इस दिल में बैठा वो दुख भी हिल गया,
कहता,
“अब क्या करूंगा यहां रहकर,
तू देख तो,
तूझे किसके साथ का सुख है मिल गया।।“
By Prakul Garg

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