सुकून
By Awish Aggarwal
किसी भी पल तुम्हे मै देखू
कमाल लगते हो।
मेरी इस मुश्किल जिंदगी का आसान सा जवाब लगते हो।
भीड़ मे भी जिसे ढूंढना नही पड़ता, जो अलग ही है चमक जाता
बस वही खास शख्स लगते हो।
आंख बंद करू तो तुम, खोलू तो तुम
ऐसा हसीन खयाल लगते हो।
आंखों से दूर ना होया करो, हर पल मेरे सामने ही रहा करो
कितनी ही थकान क्यूं ना हो मुझे फिर भी तुम्हारा ही ध्यान है आता
सीधा सीधा बोलूं तो तुम ही अब मेरी जिंदगी का एकलौता सुकून लगते हो।
By Awish Aggarwal

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