सिंदूर
By Vishvadeep Jain
तुमने छीने सिंदूर उनके सुहाग के,
भारत ने उसी सिंदूर को गहना बनाया हैं,
तुमने बहाया था रक्त मासूमों का,
हमने उन आतंकियों को मार गिराया है,
तुमने छुआ भारत माँ के आन बान शान को,
हमने श्मशान बना दिया हर उस शख्स के ठिकानों को,
और जो पूछते थे कीमत चुटकी सिंदूर की,
तो गिन लेना वो लाशें जरा उन काफ़िरों की,
और संदेश पहुचा देना उनके आकाओं को,
ये नया भारत हैं,
तुमने लाल करी अगर हमारी धरती,
तो सौगंध सनातन की लाल नदियां हम बहा देंगे,
चुप जरा भी ना बैठेंगे,
मुँहतोड़ हम जवाब देंगे,
हर एक जान का बदला लिया जाएगा,
तुम जहां छुपोगे इस धरा पर,
वही आकर मारा जाएगा,
रख ली हमने बहुत मर्यादायें,
अब अगर तुम ना सुधरे तो,
तो याचना नहीं अब रण होगा,
तुम कीमत जान की अब जान से ही चुकाओगे,
मृत्यु का भय करो अब तुम,
मर्यादा हमने छोड़ी हैं,
कर लिया सब राम राज्य सा,
अब महाभारत की बारी हैं,
और सुन लो अब अंत तुम्हारा,
लिख गया काल चक्र के पहर पर,
अब बस तुम गिनती करो,
बचे दिवसों की उंगली पर,
अब अंत नहीं दूर तुमसे,
क्यूंकि ठानी है अब महाभारत की,
माँगा था जवाब तुमने नारी के उस सिंदूर से,
देख लिया केसे खड़े है रक्षक उसके सुहाग के,
कलयुग मैं महाभारत कर देंगे,
अगर आंच आयी हमारी अस्मिता पर,
और राख कर देंगे सारी धरती उन काफ़िरों की,
वचन अब यही ठाना हैं,
अब सहा कुछ नहीं जाएगा ,
करोगे अगर वार तुम,
तो जवाब आक्रमण से दिया जाएगा,
और कीमत अदा हर उस चुटकी सिंदूर की करी जायेगी,
और तुम्हें रक्त की नदियों पर सुलाया जाएगा,
अब मरा अगर निर्दोष कोई
तो कब्र तुम्हारी खोदी जायेगी,
शांति और समझोते अब रणभूमि मैं ही किए जायेंगे,
और सौगंध महादेव की,
कीमत और ताकत हर एक चुटकी सिंदूर की अदा की जायेगी ।।
जय हिंद जय भारत ����
By Vishvadeep Jain

These words touch my heart and make me relate to them, very well written 🤌🤌
The best lines
Beautifully written with strong emotions ✨🖋️
Lines 🤌
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