साहस है जिम्मेदारी है
- Hashtag Kalakar
- Dec 20, 2025
- 2 min read
By Sumita Kumari
जोखिम है, जिम्मेदारि है
साहस की भागीदारी है
कदम से कदम साथ चले है
तभी तो आगे मंजिल है
चुनौतियां आज भी है
कल भी थी,आगे भी रहेगी
बुलंद हौसलों से
हम सब मिलकर
कल्पतरु वृक्ष रूपी एसबीआई को सींचे है,लंबा इतिहास 1806 ईo से समेटे है
बैंक ऑफ कलकत्ता के नाम से स्थापित, इंपोरियम बैंक ऑफ इंडिया के नाम से रूपांतरण,भारत माता के हर प्रांत में,अपनी शाख जमाए है
जितनी गहन है,उतनी गहरी है शाख
जोखिम है जिम्मेदारि है
साहस की भागीदारी है
तभी तो आगे मंजिल है
1955 वर्ष राष्ट्रीयकरण
विलय के बाद और बृहत
विस्तार हुआ है,
किसानों , उद्योगपतियों को
वित्तीय सहायता प्रदाता
गृह,शिक्षा,विवाह, वाहन हेतु,ऋण प्रदाता
बचत राशि का सुनिश्चित ब्याज प्रदाता
कल्पतरु वृक्ष रूपी एसबीआई
ग्रामीण और शहरों के
विकास में लगातार सहायक
लोगों के साथ लोगों का विकास,
लोगों का विश्वास,सबसे बड़े बैंक के नाम से विख्यात,अपने में खास
पहचान लिए है
कल्पतरु वृक्ष रूपी एसबीआई
कस्टमर सर्विस के हित में
डिजीटल टेक्नोलॉजी के पंख लिए
ग्राहक के अपेक्षाएं पे
खरे होने की कोशिश
के लिए निरन्तर प्रयत्शील रहे है
कल्पतरु वृक्ष रूपी एसबीआई
अपने सहयोगी बैंक को
पीछे छोड़,नए चुनौतियां
का सामना करते हुए
बेहतरीन रुपरेखा के साथ
अपनी जड़ों की मजबूती से जमाए है
जोखिम है जिम्मेदारि है
साहस की भागीदारी है
तभी तो आगे मंजिल है
मिनटों में मनी ट्रान्सफर प्रदाता
चंद मिनटों में SMS अलर्ट, ईमेल अलर्ट से आपको सूचित करता है
हर संभव सर्विस देना ही प्राथमिकता है
कल्पतरु वृक्ष रूपी एसबीआई
हरा भरा रहे
यूंही देश की अर्थव्यवथा में
लगातार योगदान देता रहे
हमें गर्व है गर्व गर्व है
लाखों घरों की जीविकादाता
हज़ारों घर की रौशनी
यूंही चमकता रहे
जोखिम है जिम्मेदारि है
साहस की भागीदारी है
तभी तो आगे मंजिल है
By Sumita Kumari

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