साहस मे छुपी है कामयाबी
By Sumita Kumari
एक माटी का दिया सारी रात अंधियारे से लड़ता है
लहरे हवा का उठता गिरता,भय दिए को दिखाता है
कभी खबरा के ठिठक भी जाता
दिए का अपने लॉ के साथ विश्वास तो देखो
सारी रात अंधियारे से लड़ जाता है
एक माटी का दिया सारी रात अंधियारे से लड़ता है
क्या हुआ जो कद है छोटा
लौ की लपेट में,रूप भी विकृत होता
अटल, स्वछंद, निश्चल से आगे बढ़ता
भेद भाव से दूर,हर कोने को प्रकाशित करता,
छोटे से छन में भी,कितनी सीख हमें दे जाता
सारी रात अंधियारे से लड़ता है
एक माटी का दिया सारी रात अंधियारे से लड़ता है
मुख भी जलता,शोर हवाओं
का सुनता,कंपन भी रह रह कर करता
झील मिल झील मिल कर
राह कठिन को चलता है
शाम से जलकर सुबह तक
जल जाने का साहस ,
सारी रात अंधियारे से लड़ता है
एक माटी का दिया सारी रात अंधियारे से लड़ता है
हम सब भी है दिए की भांति
आकार व्यवहार सबकी अलग अलग है
देश दिशाएं अलग है सबकी
भाषाएं भी विविध है हम सब में
लगन विश्वास हिम्मतरूपी लौ के साथ
निरंतर हमें आगे बढ़ते जाना है
By Sumita Kumari

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