साथी कैसा हो...?
By Lovepreet Kaur
सच्ची मोहब्बत वही जहाँ बिना वादे किए भी वादे निभाए जाए ,
एक की तन्हाई दूसरे को भी सतायी जाए,
बिन बोले आँखों से ही गुफ्त-गु हो जाए,
और बिन कहे ही दर्द बाँट लिए जाए;
जहाँ सामने वाले की कमज़ोरी का फ़ायदा ना उठाया जाए,
उसके अतीत का मज़ाक ना उड़ाया जाए,
उसकी तकलीफ को समझा जाए,
उसकी मुस्कान को भी अहमियत दी जाए;
जो उसके कला का सम्मान करे ,
उसके भोलेपन को भी प्यार करे,
अहमियत हो जहाँ उसके भी विचारों की,
उसके सामने फ़ीकी पड़ जाए रोशनी सितारों की ;
समय समय पर बन सके अपने प्यार का सहारा,
पवित्र हो अपने साथी के लिए उसकी विचारधारा.....
By Lovepreet Kaur

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