साथ रहा करते
By Akshar Tekchandani
A real-life inspired poem, it conveys the thought of long-distance lovers. Since both of them have to spend a lot of time apart, one of them in this poem tries to find the Silver Lining in distance, and put a positive spin on the situation, by counting the benefits of distance; How it makes them long for, and thus love, each other more…
ग़र साथ हम रहा करते,
तो आप हमको, हम आपको, प्यार से,
कैसे याद किया करते ?
कैसे, फ़ुर्सत से बात किया करते,
आप हमको, हम आपको
कैसे याद किया करते ?
मर-मर के कैसे जिया करते,
मर-मर के,
कैसे जिया करते ?
फ़ासलों के ग़म को, जाम समझ कर,
कैसे पिया करते ? बड़े अदब से,
आप हमको, हम आपको,
कैसे याद किया करते ?
आखिर कैसे, सनम पे
ऐतबार किया करते, बीते लम्हों को,
यादों में फिर-फिर, कैसे जिया करते,
रगों में जुनून भरके,
आप हमको, हम आपको,
कैसे याद किया करते ?
दर्द-ए-दिल को बार-बार
कैसे बाँट लिया करते,
इक मुलाकात का इंतज़ार,
बड़ी बेचैनी से, कैसे काट लिया करते ?
सुकूं से,
कभी आप हमको,
कभी हम आपको,
आख़िर कैसे याद किया करते !
By Akshar Tekchandani

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