सलाम आखिरी
Updated: Oct 5, 2024
By Kirti Yadav
तेरे दर पे मेरा ये मुकाम आखिरी,
ए ख़ुशी, तुमको मेरा सलाम आखिरी।
ए मेरे दिलरुबा तू मुझको भूल जा ,
तेरे क़दमों में मेरा सलाम आखिरी।।
ज़िन्दगी से आजीज मुझको गम था तेरा,
दर्द से भीगा तन बदन था मेरा।
दास्तानें मुहब्बत हुई थी शुरू और अब हुई ख़तम,
लो तुमको अब मेरा सलाम आखिरी।।
अब न वो तर्ज़ है, अब न वो तौर है ,
अब तोह चाँद और सितारों का रंग और ह।
उनकी महफ़िल में अब ज़िक्र मेरा नहीं ,
दोस्त तुमको मेरा सलाम आखिरी।।
ये जो दिल था कभी रौनक अंजुमन ,
अब वही दिल सुबह के दिए सा बुझा।
ये अँधेरे मुझको रास आने लगे ,
ए रौशनी तुमकोमेरा सलाम आखिरी।।
By Kirti Yadav

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