समय की बात
By Mridul Krishna Tripathi
अब समय की बात है चल पड़ी
तो बता दूं मैं इस घड़ी
दिखती थी वो जैसे एक फुल झड़ी
पढ़ती नहीं थी, पर हर class में साथ पढ़ी
मैंने कोशिश की पर वो मेरे प्यार में ना पड़ी
जब किया इज़हार तो रो पड़ी
बोली......
तू दोस्त तो बहुत अच्छा है
पर मेरा दिल तेरे साथ वाले पे फ़िदा है।।
By Mridul Krishna Tripathi

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