समय का साधक
Updated: Jul 29, 2025
By Dr. Devendra K Prajapati
प्रिय, सुना है घड़ी बनाने लगे हो,
घड़ी में समय भरने लगे हो,
कैसे नापते हो समय घड़ी में?
कैसे दौड़ाते हो सुइयों को?
कि दौड़ती सब है
पर जिसको तुम चाहते वही आगे जाती है,
कैसे उलट देते हो सुई को, समय के साथ।
कैसे उलट देते हो रेत भरकर डिब्बे में?
तुम तो समय के साधक निकले,
उलट के दिखाओगे मेरी उम्र को,
रेत के डिब्बे की तरह।
जैसे नापते हो समय घड़ी में ।
जैसे दौड़ाते हो सुइयों को।
By Dr. Devendra K Prajapati

Comments