सफर ये खत्म कहाँ होता है!
By Sonam singh
सफर ये खत्म कहाँ होता है!
हर दिन कोई ना कोई कमाल होता है,
कभी रंजिश तो कभी प्यार होता है,
सुकून छाया होता है हर पल में,
तो कभी सवालों का सैलाब होता है,,
सफर ये खत्म कहाँ होता है!
कभी कुछ कर गुजरने का जुनून सिर पर सवार होता है,
कभी तेरा तो कभी मेरा..इस बात पर ही बवाल होता है,
कभी वक्त पानी सा बहता है,
तो कभी... एक पल काटना भी पहाड़ होता है,
सफर ये खत्म कहाँ होता है!
By Sonam singh

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