सपना अफसर (मंजिल) बनने का
By Rajneesh Singh Yadav
रास्ते अनेक है, पर अपनी राह बस एक ह।
किस्मत की गली से न वास्ता ,
मेहनत ही है अपना रास्ता।
खुद को अब हम मज़बूत करे ,
चलो राह पर अब अपने बढे।
रास्ते अनेक है पर अपनी राह बस एक है।
चट्टान है आगे खड़ा ,
पर ये हौंसला उससे भी बड़।
अब मंजिल को हमने पेहचाहन ली , पाने की उसको ठान ली ,
रास्ते अनेक है पर अपनी राह बस एक है।
डगर को डगमगाने दो, कदम न लड़खड़ाने दो
वक़्त वो भी आएगा ,खुशियाँ साथ लाएगा।
चांदनी की रात होगी , सितारों की बरसात होगी।
रास्ते अनेक है पर अपनी राह बस एक है।
एक छोटा सा पैगाम जिन्हे मै जनता तो नहीं
पर यक़ीनन मंज़िल उनकी भी यही है।
By Rajneesh Singh Yadav

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