सत्य का निर्णय
By Suman Rai
जीवन में अंधेरा जब भी छाए,
पक्ष दीये का रखना तुम,
मशवरा मुफ़्त का ले लो बेशक,
निर्णय सत्य का चुनना तुम।
मानव-मन का मैल धुले,
अनुभव के सागर में डूबो,
पात्रता और योग्यता से,
उच्चतम को अपनाना तुम,
निर्णय सत्य का चुनना तुम।
संयोग की लहर मात्र,
महल को ध्वस्त कर सकती है,
ज्ञान और बोध को,
एहतियात से सहेजना तुम,
निर्णय सत्य का चुनना तुम।
मोहताज किसी के ना बनना,
भाग्य-विधाता कोई नहीं होता,
कामना निष्फल हो फिर भी,
संघर्ष समर्पित रहना तुम,
निर्णय सत्य का चुनना तुम॥
By Suman Rai

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