संघर्ष कर
By Jagrati Chaurasiya
संघर्ष कर संघर्ष कर
कठिनाइयों से अब न डर
विश्वास को तू अडिग कर
संघर्ष कर संघर्ष कर
मन को तू मज़बूत कर
लड़खड़ाते हुए कदमों को संभाल कर
संघर्ष कर संघर्ष कर
अटकलों को छोड़कर
विरोधियों के स्वरों को रौंद कर
संघर्ष कर संघर्ष कर
मौन रह चुप्पी ओढ़कर
औरों के संशयों को झकझोर कर
संघर्ष कर संघर्ष कर
ख़ुद पर ख़ुद ही भरोसा कर
बस लक्ष्य पर अपलक निगाहें कर
संघर्ष कर संघर्ष कर
विजय पर तू ध्यान कर
मोह से ख़ुद को दूर कर
संघर्ष कर संघर्ष कर
तानों से कानों को हटा कर
कर्म पर ध्यान कर
संघर्ष कर संघर्ष कर
By Jagrati Chaurasiya

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