वो शक्स
By Suryam Mittal
चला गया वो शक्स,
उसे जाने दे,
जो रह गया हू मैं, उसे संभालने दे,
क्यू अब उसकी हम बातें करें,
क्यू वो सुनहरी रातें याद करें,
वो बस इक किस्सा बन कर रह गया,
क्यू हम उस किस्से के पीछे जीवन की दास्तान ख़राब करें,
तू भी भूल जा,
मुझे भी भूल जाने दे,
भूल तो नहीं सकता ये भी सच है,
पर कम से कम भूलने का दिखावा तो करने दे |
By Suryam Mittal

Art of Letting goo
Itna dukh jivan mai