"वो मेरा दोस्त"..!
By Shobhana Thakur
वो मेरा दोस्त जो मुझमें कमी देखता है..!
कितनी बार मैंने उसके लिए लड़ाई लड़ी है..!
जान हथेली पर लेकर मुसीबत में पड़ा हूँ..!
उसके लिए मम्मी-पापा से झूठ बोला हूँ..!
वो क्यूँ नहीं देखता है..!
वो मेरा दोस्त जो मुझमें कमी देखता है..!
हाँ, लड़ता हूँ, झगड़ता हूँ...
गुस्सा आये तो उसका गिफ्ट लौटा देता हूँ..!
फिर सारी रात तकिये में सिसकता हूँ..!
वो क्यूँ नहीं देखता है..!
वो मेरा दोस्त जो मुझमें कमी देखता है..!
हाँ, बचपन का साथी तो नहीं मैं...
फिर भी उसकी आँखों की भाषा मैं समझता हूँ!
कुछ बन जाए वो..!
सब बोलते हैं मैं ही उसे बिगाड़ता हूँ..!
मेरी आँखों में उसके लिए सपने हैं..!
वो क्यूँ नहीं देखता है..!
वो मेरा दोस्त जो मुझमें कमी देखता है..!!
By Shobhana Thakur

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