वो चश्मे का क्या करे
By Mridul Krishna Tripathi
वो चश्मे का क्या करे
जिसकी निगाहों में जादू हो,
काजल जिसके आंखों में जाए
तो मन बेकाबू हो,
वो अगर बस आ जाए कमर लचकने पर
तो मन उसका भी बहल जाए,जो कहता खुद को साधू हो
करने को तो कर दूं मै, खुद को तुझसे दूर
पर तुझसे मिलकर जलील होने को, मन मेरा आतुर ।।
By Mridul Krishna Tripathi

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