वैराग्य और प्रेम
- Hashtag Kalakar
- Dec 9, 2025
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By Astha
भाग्य ने क्या षड्यंत्र रचाया होगा?जब वैराग्य प्रेम में आया होगा।
जब मेहँदी रचे हाथों ने,कैलाश का द्वार खटखटाया होगा।
तप में लीन शिव का ध्यान,दक्ष कन्या ने भटकाया होगा।
शमशान के स्वामी के मन में भला क्या भाव आया होगा?
जब ऐश्वर्य त्याग,सती ने,रुद्राक्ष को श्रृंगार बनाया होगा।
और भस्म से लिपटे शिव ने,सती का स्पर्श पाया होगा|
क्या राजकुमारी के संकल्प ने उनका हिम-हृदय पिघलाया होगा?
क्या प्रेम में हृदय हार,त्रिलोचन भी मुस्काया होगा?
जब इस संगम से शून्य ने संपूर्णता का रूप पाया होगा,
तभी तो शिव को संसार ने,अर्धनारीश्वर बताया होगा।
सती के वियोग में जलते हुए,शिव ने भी अश्रु बहाया होगा।
भाग्य ने क्या षड्यंत्र रचाया होगा,जब वैराग्य प्रेम में आया होगा।
By Astha

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