वंदे मातरम्
By Rohit 'Lukad' Jain
मिट्टी की खुशबू से बना हैं मेरे वतन का प्रताप,
हर कण में गूंजता है जय हिन्द का आलाप,
जहाँ गंगा की बहती है निर्मल धार,
वहीं बसता है मेरा भारत बेशुमार ।।
सरहद पे जो खड़ा है वो सिर्फ़ जवान नहीं,
जो शहीद हुआ तो, सिर्फ उसी का बलिदान नहीं,
उसके लहू की हर बूँद कहती है ये बात,
"भारत माँ" की इज़्ज़त है मेरी सौगात ।।
यहाँ राम हैं और रहीम भी हैं,
मंदिर की घंटियाँ और अज़ान भी हैं,
रंग हैं अनेक, पर दिल एक हैं,
यही तो हिन्दुस्तान की असली विवेक हैं ।।
खेतों में मेहनत, शहरों में उड़ान,
हर हाथ में कर्म, हर दिल में अरमान,
हर मस्तक में सिर्फ तिरंगे का मान,
लहराते तिरंगे से ही हमारा अभिमान ।।
जब भी नाम “भारत” लिया जाता है,
एक गर्व का भाव दिल में छा जाता है,
ये देश नहीं, एक आस्था की कहानी है,
जिसका हर पुर्ज़ा खुद में रवानी हैं ।।
By Rohit 'Lukad' Jain

Jai Hind
Desh Premi
Awesome