“लाज़मी “
By Dr.Megha Soni
उसकी बातों में चमक है,
उसकी आँखों की तरह,
उसकी बातों में चमक है ,
उसकी आँखों की तरह,
ख़्वाह-म्ख्वाह नज़रें मिलें,
और वो कही बदनाम न हो,
ऐसी मुहब्बत की ये हसीन शाम,
लाज़मी तो नहीं,
दिल की हर बात कही जाए
ये लाज़मी तो नहीं
मेरी मुहब्बत भी चढ़े परवान ,
ये लाज़मी तो नहीं ,
By Dr.Megha Soni

Comments