“लम्हो की करवटे”
By Renu singh
कैसे ये जिन्दगी लम्हा लम्हा करवटे बदलती जाती है,,,, जो न सोची थी कभी एसी यादें दे जाती है।।
खडे है आज जिस मकाम पर,
पलट कर देखे कभी तो बोझिल सी तस्वीरे सामने आ जाती है।।
कितने हसीन हुआ करते थे वो बेफिक्री के दिन ,
आज भी उन नासमझीयों पर हंसी आ जाती है।
कब उलझते गये जज्बातों के जाल में, हर बात अनसुलझा सा सवाल दे जाती है।
कितने ही मोड आए, हर राह पर लोग मिलते और बिछड़ते गये है ...
अब कुछ फासलो मे है तो कुछ ,
पुरानी एल्बम की तस्वीरो मे ही नजर आते है।।
बहुत अजीब है जिंदगी का ये फलसफा भी...
जब साथ है तो वक्त का पता नही चलता.. और दूरियां हो जाए तो....
यही वक्त यादो कि कतरनो को जोड़ता।।
By Renu singh

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