रोजी रोटी
Updated: Jan 27, 2024
By Harshvardhan Tyagi
रोजी रोटी बहुत कमा ली है,
पुलाव है, वो भी ख्याली है.
प्यार ही तो माँगा था बस,
जेब उसकी भी शायद खाली है.
कई दिन से हँसे नहीं थे दोस्त,
मैंने इज़्ज़त मेरी उछाली है.
उसका और मेरा रिश्ता ये रहा,
मैं तमाशा हूँ, और वो ताली है.
ख्वाब इंतज़ार में होंगे, मेरे,
चलो अब नींद आने वाली है.
By Harshvardhan Tyagi

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