रेह गई
Updated: Jul 15, 2025
By Sachin Harkhani (Sahaj)
ज़िन्दगी तेरे साथ बितानी रेहगई
बस एक बात तुजे बतानी रेहगई
कितना जले हम तेरे ख्वाबोंको ले कर
क्या फिर भी तुम तक आग पहुंचनी रेहगई?
खुद बिखर कर खुशबु हवामें बिखेरी थी
क्या वो भी तुम तक पहुंचनी रेहगई?
मेने जिसे चूमा था बड़े तपाकसे
क्या उन हाथोंमे मेहँदी लगानी रेहगई?
तुम्ही ज़िन्दगी हो जब की अब तुम भी नहीं
सोचताहूं कोनसी रसम निभानी रेहगई?
कोई पूछे तो कह देता हूँ की खुश हूँ
बस यही बात खुदको समजानि रेहगई
By Sachin Harkhani (Sahaj)

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