रास्ते कम नही
By Abhishek Kumar
हौसले साथ हो तो भला हार क्या, देखना जीत के सिलसिले कम नही।
फासले मजिलो के बहुत है मगर, ये भी तो सच है कि रास्ते कम नही।।
पीछे जो छुट गया, वो ही रस्ता न था, रास्ते और भी तुमको मिल जाएगें।
हाँ अगर हार के चलना तुम छोड दो, रास्ते मंजिलो तक नही जाएगें।
राहें चलती नही, चलते तो है कदम, और तुम्हारे कदम इतने बेदम नही।।
फासले मजिलो के हो कितने बडे , याद रखना ये कि रास्ते कम नही।।
गर ये ठोकर लगी तो बडा क्या हुआ, ठोकरे ही तो चलना सीखा जाती है।
ठोकरे खाकर भी जो संभल फिर गया, जिंदगी भी मुकाम उसकी पा जाती है।
चलना गर हो जुनूं, फिर है जीना मजा, साँसें हो खत्म. हो, हो जुनूं कम नही।।
फासले मजिलो के कठिन ही सही, हम भी तैयार है, रास्ते कम नही।।
By Abhishek Kumar

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