राम ही सत्य, राम सकल
Updated: Jul 18, 2025
By Satya Deo Pathak
रघुवर मेरे प्रभु राम,
तेरे नाम में बीते सुबह शाम।
स्तुति तेरी, तेरा ध्यान,
मेरे जीवन में लाए विहान।
जगदीश्वर मेरे प्रभु राम!
तुम्हीं बनाते बिगड़े काम।
जब कोई आए है अड़चन,
दूर किए तुम ही तो भगवन।
अयोध्यापति मेरे प्रभु राम,
तुमसे अयोध्या का है नाम।
जब भी गुजरता धाम अयोध्या,
मुंह से निकले जय श्री राम।
सीतापति मेरे प्रभु राम,
राम सिया को देखूं अभिराम।
त्याग किया मर्यादा ना छोड़ी,
नाम नहीं जग में यूं ही राम।
मोक्ष भी देते मेरे प्रभु राम,
देखो सरयू तट पर सत्य है राम।
जलती चिताएं नश्वर तन,
राम ही सत्य, राम सकल।
By Satya Deo Pathak

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