राधा कृष्ण
- Hashtag Kalakar
- Dec 1, 2025
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By Akanksha Mishra
तुम कान्हा के मन की प्रीत बनो,
मैं बनूं प्रेम राधा जैसा,
तुम रास रचो मुरलीधर सा,
मैं नृत्य करूं राधा जैसा,
तुम रूप धरो मन-मोहन का,
मैं श्यामा सा श्रृंगार करू,
तुम बनना चक्र सुदर्शन का,
मैं उस चक्र की धार बनूं,
तुम बनो बांसुरी की स्वर-लहरी,
मैं उसमे बहती श्वास बनूं,
जो करो धर्म युद्ध महाभारत,
मैं पंचजन्य का नाद बनूं,
तुम कहो ज्ञान गीता जैसा,
मैं अर्जुन सा विश्वास बनूं,
तुम धरो गोवर्धन अपने नख पे,
मैं गिरिधर का आधार बनूं,
है कृष्ण कर्म का आधार प्रेम,
मैं कृष्ण-प्रेम का सार बनूं,
तुम बनना नटखट नट-नागर से,
मैं बनूं समर्पण मीरा जैसा,
तुम कान्हा के मन की प्रीत बनो,
मैं बनूं प्रेम राधा जैसा।।
By Akanksha Mishra

तुम यमुना सी, मन भावन सी,
मथुरा वृंदावन पावन सी,
चहचहाते चिडीयों के आंगनसी
तुम राधा सी, मनमोहन सी
Divine flow.
Kamaal lekhni hai...
👍👍
What a great divine flow💥