रखना दिल में नमाज़ी नियत
Updated: Jul 12, 2025
By Vandana Singh Vasvani
रखना दिल में नमाज़ी नियत
तो
मुहब्बत करना !
होना खुद से जुदा
तो
मुहब्बत करना !
हो बरगद जैसी छावनी
तो
मुहब्बत करना !
शिदत हो गर दिया बाती जैसा ,
तो
मुहब्बत करना!
मुस्कानों में हो नमीं पनघट की ,
तो
मुहब्बत करना !
तन में हो खुशबूँ गंधक की
तो
मुहब्बत करना!
गर बाँच सकों कल्माई ऑंखें
तो
मुहब्बत करना !
बना सको जिगर शिखर में मंदिर
तो
मुहब्बत करना !
हो जबां अशिर्बादी
तो
मुहब्बत करना!
हो रूह तक चौधवी चमक
तो
मुहब्बत करना !
चल सकों राह से राह तक
तो
मुहब्बत करना !
जो समां सके इक ग्रन्थ में
ये वो सज्दां नही ,
मिल सके अंत छितीज
ये वो त्रिलोक नही
हो हर मन राधा रमण
करें हर दिल बस ऐसी ही
पाकीज़ा मुहब्बत
हर कही हर तरफ .......
By Vandana Singh Vasvani

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