रौशनी कितनी चाहिए?
By Hemalatha Swaminathan
कोई हमसे पूछ बैठा
के प्यार कितना चाहिए?
अब अंधे को क्या इल्म की
रौशनी कितनी चाहिए?
किसी ने तय किया की दर तक छोड़ दूँ ,
किसी ने तय किया की फर्श पर बिठा दूँ,
किसी ने किया रातों में सराहने का वादा,
किसी ने दिया कभी उस से थोड़ा ज़्यादा!
सब अपना पात्र खुद ही तय करते गए,
हम एहसान मानकर सब कुबूल करते गए!
पर जब कभी मांगा किसी से एक पल ज्यादा,
तो तोलने लगे
फिर पूछ बैठे हमसे
"कितना प्यार चाहिए?"
अब भी अंधे को क्या इल्म
के रौशनी कितनी चाहिए?
By Hemalatha Swaminathan

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