योद्धा क़ो रणभूमि मे मृत्यु भी अलंकार है।
By Abhishek Kumar
योद्धा क़ो रणभूमि मे मृत्यु भी अलंकार है।
वीरता सौन्दर्य है और रक्त भी श्रंगार है॥
युद्ध के आवेश मे बह जाए जो, योद्धा नही‚
भावना की चोट से ढह जाए जो, योद्धा नही‚
और अनुचित बात भी सह जाए जो, योद्धा नही‚
है वही योद्धा जिसे सत्य सदा स्वीकार है ।
फिर नही अंतर कि उसकी जीत है या हार है ॥
जो हृदय मे शूल दे और भाल पर कलंक दे‚
निर्बलो को सांत्वना न दे‚ उन्हे आतंक दे‚
शक्ति जो साहस न दे ,अपितु विषैला डंक दे‚
ऐसी शक्ति का दमन ही वीरोचित व्यवहार है ।
शक्ति वो सदशक्ति है जो सत्य का आधार है ॥
By Abhishek Kumar

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