ये जो रोना है
By Bhaskar Sharma
ये जो रोना है ना, तुम ये रोना बंद कर दो
घड़ी घड़ी अपने दुखों का बिछौना बंद कर दो
बंद कर दो वो तमाम ख़्वाब, के जब तक कुछ कर नहीं पाते।
कोई साथ है तो ये रहमत है भलाई है उसकी
कोई संग छोड़ जाये तो ये भी
किसी के आसरे रहना बंद कर दो।
बंद कर दो अभी निराशा के द्वार
क्योंकि निराशा ही निराशा को खींचती है,
उन तमाम वादों से कह दो के करें अभी इन्तेज़ार
अभी उन वादों के बोझ तले रहना बंद कर दो।
ये जो रोना है ना, तुम ये रोना बंद कर दो......
By Bhaskar Sharma

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