यारों ये दोस्ती
By Shyam Kamat
यारों ये दोस्ती
दुनिया में सबसे हसीन ।
इसमें मिलती है खुसीं
हम सब ने जान ली
हम सब ने मान ली ।
दिन हो या रात हो
हाथों में हाथ हो ,
यारों का साथ हो
ये पल सबको याद हो
यारों ये दोस्ती ।
ना हो कभी जुदा
चाहे हो शादी- शुदा ।
सुन ले अपनी ख़ुदा
कभी ना कर हमको जुदा ।
यारों ये दोस्ती
मोहल्ले की वो लड़की
जेब में थी कड़की ।
समझी ना जज़्बात को ,
मार गयी लात वो ।
साथ दिया यारों ने ,
मेरे प्यारों ने ।
यारों ये दोस्ती
जीने की है वजह
साथ रहना भी एक सजा ।
रोने भी ना दे
हसने भी ना दे ।
करदे दुखी
यारों ये दोस्ती ।
By Shyam Kamat

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